दक्खिनी भाषा का अर्थ
[ dekkhini bhaasaa ]
दक्खिनी भाषा उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- मध्ययुग में दक्षिण भारत में प्रचलित हिंदी का वह रूप जिसमें मुसलमान कवि कविता करते थे:"दक्खिनी से आधुनिक उर्दू के विकास का घनिष्ठ सम्बन्ध है"
पर्याय: दक्खिनी, दखनी, दकनी, रेखता, दखनी भाषा, दकनी भाषा, रेखता भाषा - दक्षिण प्रदेश की भाषा:"दक्षिणी में तेलगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़ आदि भाषाएँ आती हैं"
पर्याय: दक्षिणी, दक्खिनी, दक्षिणी भाषा
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- संस्करण में दक्खिनी भाषा के अनेक कवियों से भी शब्द संकलित
- चतुर्थ संस्करण में दक्खिनी भाषा के अनेक कवियों से भी शब्द संकलित हुए हैं ।
- इस बात की है कि दक्खिनी भाषा और साहित्य को अलग-थलग न रखकर हिंदी साहित्य
- इनसे प्रारंभ 350 वर्षों तक चली दक्खिनी भाषा की साहित्यिक परंपरा में सूफ़ी दर्शन की प्रवृत्ति अत्यंत प्रखर और मुखर है।
- थी जिसमें दक्खिनी भाषा के उदगम , विकास और इसके अस्तित्व के मौजूदा संकट के सभी पहलुओं पर गहराई से विचार किया गया.
- इस समारोह में भारत , अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, इटली और कई अन्य यूरोपीय राष्ट्रों के भाषाविद, प्रोफेसर और दक्खिनी भाषा के जानकार 30 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
- दक्षिण भारत के कई राज्यों में बोली जाने वाली दक्खिनी भाषा पर लंदन में भारतीय उच्चायोग के सांस्कृतिक स्थल , नेहरु केंद्र में तीन दिन का एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया.
- प्रो . नामवर सिंह इस समारोह में दोनों दिन उपस्थित रहेंगे और ' दक्खिनी भाषा और साहित्य ' तथा ' भूख , धान और चिड़िया ' शीर्षक दो नवप्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण भी करेंगे।
- प्रो . नामवर सिंह इस समारोह में दोनों दिन उपस्थित रहेंगे और ' दक्खिनी भाषा और साहित्य ' तथा ' भूख , धान और चिड़िया ' शीर्षक दो नवप्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण भी करेंगे।
- आवश्यकता इस बात की है कि दक्खिनी भाषा और साहित्य को अलग-थलग न रखकर हिंदी साहित्य के तत्कालीन रचनाकारों के साथ जोड़कर पढ़ा और पढ़ाया जाए ताकि हिंदी साहित्य के इतिहास में समग्रता का बोध हो।